प्यार किया किसी और को, मस्ती और के साथ।
अन्दर रिश्ता और था, बाहर राखी बाँधी हाथ।
धन के लालच फिर फँसी, हमें भी फँसाया साथ।
सच बोल, विश्वास कर, अब पीट रहे हम माथ।
"मुझे संसार से मधुर व्यवहार करने का समय नहीं है, मधुर बनने का प्रत्येक प्रयत्न मुझे कपटी बनाता है." -विवेकानन्द
पल-पल मिलना, पल-पल खिलना, पल-पल बिछड़न ही जीवन है। धोखा, कपट, षडयंत्र तो विष हैं, प्रेम की धड़कन संजीवन है।। प्रेम है मरना, प्रेम है जीना। प...
"स्वतन्त्र भारत में नारी को मिले वैधानिक अधिकारों की कमी नहीं- अधिकार ही अधिकार मिले हैं, परन्तु कितनी नारियां हैं जो अपने अधिकारों का सुख भोग पाती हैं? आप अपने कर्तव्यों के बल पर अधिकार अर्जित कीजिए। कर्तव्य और अधिकार दोनों का सदुपयोग कर आप व्यक्ति बन सकती हैं। आपको अपने कर्तव्यों का भान है तो कोई पुरुष आपको भोग्या नहीं बना सकता-व्यक्ति मानकर सम्मान ही करेगा। इसी तरह आने वाली पीढ़ी आपकी ऋणी रहेगी।"