भक्त बन जाइये
उपदेश नीति और धर्म अगर चाहो,
विदुर रचित नीति शास्त्र म¡गवाइये,
जोश रोष वीरता की आश लेके प्यारे,
वीर शिवाजी की जीवनी पढ़ जाइये।
देखना संयोग और वियोग तो,
प्रेमी को प्रेमिका से पत्र लिखवाइये,
प्रेम की पीर को बिना भोगे जानो तुम,
घनानन्द काव्यरस डुबकी लगाइये।
यूपी की राजनीति समझना यदि चाहो,
माया-मुलायम के भक्त बन जाइये,
आरक्षण राजनीति समझने हेतु यारो,
राजस्थान में आज-कल भ्रमण कर जाइये।
सफलता का स्वतंत्र विश्लेषण, संश्लेषण और अन्वेषण
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🙏 दिवाकर गौड़, शोध अध्येता
मानव जन्म से ही दार्शनिक प्राणी है। जितने दार्शनिक, उतने दर्शन। कितने
दार्शनिक सीमा नहीं, अतः असीम...
3 weeks ago

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