लुभाती होली
मन को खूब लुभाती होली
रंग बरसाती आती होली
गली-गली मड़राती होली
सबको गले मिलाती होली।
पेड़े बरफी और रसगुल्ले
पूड़ी कचौड़ी और हैं भल्ले
मिठाईयों के लगते गल्ले
सबको खूब हंसाती होली।
मम्मी-पापा भैया-भाभी
सबको खूब खिलाती होली
सबको अपने रंग में रंगकर
कितनी है इठलाती होली।
औरत तेरी यही कहानी
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मित्रो! “औरत तेरी यही कहानी” मेरे विद्यालय में कार्यरत शिक्षिका डा विनीता
तिवारी द्वारा लिखित है। डा तिवारी अन्तर्मुखी स्वभाव की महिला हैं। पिछले
पांच वर्ष...
3 weeks ago

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