लुभाती होली
मन को खूब लुभाती होली
रंग बरसाती आती होली
गली-गली मड़राती होली
सबको गले मिलाती होली।
पेड़े बरफी और रसगुल्ले
पूड़ी कचौड़ी और हैं भल्ले
मिठाईयों के लगते गल्ले
सबको खूब हंसाती होली।
मम्मी-पापा भैया-भाभी
सबको खूब खिलाती होली
सबको अपने रंग में रंगकर
कितनी है इठलाती होली।
स्वामी विवेकानंद के दृष्टिकोण से श्री कृष्ण
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*श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर विशेष*
*स्वामी विवेकानंद के दृष्टिकोण से श्री कृष्ण*
*©** डा संतोष गौड़ राष...
2 weeks ago

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