हलन्त
डॉ.सन्तोष गौड़ राष्ट्रप्रेमी
कैसे?
मनाऊं बसन्त
विदेश में कन्त
न वियोग का अन्त
न जाने कहां?
भटकते होंगे पिया
जबसे हुए हैं सन्त
अधूरी हूं मैं
लगा है हलन्त!
स्वामी विवेकानंद के दृष्टिकोण से श्री कृष्ण
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*श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर विशेष*
*स्वामी विवेकानंद के दृष्टिकोण से श्री कृष्ण*
*©** डा संतोष गौड़ राष...
1 week ago

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