Thursday, August 13, 2026

आओ! स्वतंत्रता पर्व मनाएं

 स्वतंत्र रहें, स्वछंद रहें हम। 

खुशी मिले या मिलते गम। 

अपना पथ, अपना निर्णय, 

परिणामों को स्वीकारें हम। 


नहीं किसी के अनुगामी हैं। 

लक्ष्य, कर्म संग, हम कामी हैं। 

राष्ट्रप्रेमी का प्रेम ही पथ है, 

खुद के हैं हम, खुद स्वामी हैं। 


ना झूठा कोई बंधन मानें। 

ना स्वार्थ का चंदन मानें।

जो सत्य के संग, वही अपना,

उसी को अपना वंदन मानें।


नहीं चाहिए उधार का ज्ञान। 

स्वाभिमान से जीना है शान।

भीख में मिले स्वतंत्रता नहीं,

कर्म से गढ़ना है हिंदुस्तान।


तिरंगा केवल वस्त्र नहीं है। 

जीवन है यह, शस्त्र नहीं है।

ये शपथ है, जो ज्योति में जलती,

मंत्र हर दिल का, ये अस्त्र नहीं है।


शहीदों का बलिदान याद रहे। 

उनका हर अरमान याद रहे।

स्वतंत्रता केवल पर्व नहीं है,

कर्तव्य का ये विधान याद रहे।


राष्ट्रप्रेमी का यही कहना। 

रुकना नहीं, बस चलते रहना।

स्वतंत्र रहें, स्वच्छंद रहें पर,

देश के लिए ही जीते रहना।


केवल नहीं है गाना गाना। 

करना नहीं, कुछ भी मनमाना। 

निजी कोई भी चाह नहीं है, 

सबका हित है, सबने ठाना। 


व्यवस्था हमारी, ध्वस्त न करनी। 

युवा जोश है, नैतिकता भरनी। 

विरोध मात्र से पथ नहीं बनता, 

स्वेद बिंदु से, खिलती धरनी। 


आओ! स्वतंत्रता पर्व मनाएं।

पर्यावरण को शुद्ध बनाएं।

कर्म ही पथ है, कर्म ही जीवन, 

कर्म से, कर्म को, हम महकाएं।