Sunday, July 12, 2026

जीवन के लिए

 जब जागे  हैं, तभी सबेरा।

जगना अब जीवन के लिए। 

पढ़ना-लिखना हुआ बहुत, 

लिखना अब जीवन के लिए। 

धर्म कर्म में बीता जीवन, 

करना अब जीवन के लिए। 

नाम की खातिर बहुत कमाया,

कमाना अब जीवन के लिए। 

 बंधन बहुत सहे हैं अब तक, 

खोलो अब जीवन के लिए। 

जो गिरा है उसे उठाना, 

उठना अब जीवन के लिए। 

जो भूला है उसे सिखाना,

सीखना अब जीवन के लिए। 

जो टूटा है उसे जोड़ना,

जुड़ना अब जीवन के लिए। 

हाथ से हाथ मिले बहुत,

मिलना अब जीवन के लिए। 

अंधियारा है पथ में बाधक, 

मिटना है जीवन के लिए। 

दीये ने संदेश सुनाया, 

जलना है जीवन के लिए। 

कलम ने क्रांति लिखीं बहुत,

क्रांति अब जीवन के लिए। 

चरित्र से इतिहास बनाना,

गढ़ना अब जीवन के लिए। 

मान की खातिर खून हुए, 

मान हो अब जीवन के लिए। 

जहाँ रुके हैं, वहीं बसेरा,

बसना अब जीवन के लिए।

राम भी देखो वन-वन भटके, 

भटके थे जीवन के लिए। 

अपने लिए तो जिए बहुत,

जीना अब जीवन के लिए।

राष्ट्रप्रेमी है प्रेम अधूरा, 

प्रेम करो जीवन के लिए। 

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