चाँद की चाँदनी, बसंत बाहर।
फूलों की खुसबू, हमारा प्यार।
गाओ गीत, बिखेरो मुस्कान,
आपको मुबारक होली का त्यौहार।
प्यार के रंग से भरो पिचकारी,
स्नेह से रंग दो दुनिया सारी।
रंग न जाने भाषा, न कोई बोली,
आपको मुबारक हो, मित्रो होली।
औरत तेरी यही कहानी
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मित्रो! “औरत तेरी यही कहानी” मेरे विद्यालय में कार्यरत शिक्षिका डा विनीता
तिवारी द्वारा लिखित है। डा तिवारी अन्तर्मुखी स्वभाव की महिला हैं। पिछले
पांच वर्ष...
1 month ago

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