औरत तेरी यही कहानी
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मित्रो! “औरत तेरी यही कहानी” मेरे विद्यालय में कार्यरत शिक्षिका डा विनीता
तिवारी द्वारा लिखित है। डा तिवारी अन्तर्मुखी स्वभाव की महिला हैं। पिछले
पांच वर्ष...
4 weeks ago
"मुझे संसार से मधुर व्यवहार करने का समय नहीं है, मधुर बनने का प्रत्येक प्रयत्न मुझे कपटी बनाता है." -विवेकानन्द
ज्ञान का दीप
गली-गली आंगन-आंगन में
ज्ञान का दीप जलाएं पावन
करें रोशनी रंग बिरंगी
भारत हो जाये शतरंगी
सबका हृदय लुभाये भारत
विश्व गुरू कहलाये भारत
देखो तो तुम डरा अंधेरा सरपट भागा,
देश हमारा इसने त्यागा
ज्ञान उजाला कैसा होगा
सूर्य चन्द्र के जैसा होगा
हरसेगा जन-गण का मन
हृदय बनेगा निर्मल पावन
दीपोत्सव आया मन-भावन।
सच से भय लगता है जिसको जिसने चाहा लूट लिया है। हमने सब स्वीकार किया है। खट्टे मीठे अनुभव अपने, पल-पल हमने खूब जिया है। नहीं किसी से हमें षि...
"स्वतन्त्र भारत में नारी को मिले वैधानिक अधिकारों की कमी नहीं- अधिकार ही अधिकार मिले हैं, परन्तु कितनी नारियां हैं जो अपने अधिकारों का सुख भोग पाती हैं? आप अपने कर्तव्यों के बल पर अधिकार अर्जित कीजिए। कर्तव्य और अधिकार दोनों का सदुपयोग कर आप व्यक्ति बन सकती हैं। आपको अपने कर्तव्यों का भान है तो कोई पुरुष आपको भोग्या नहीं बना सकता-व्यक्ति मानकर सम्मान ही करेगा। इसी तरह आने वाली पीढ़ी आपकी ऋणी रहेगी।"